Rajasthan Political GK Questions प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें
8 प्र: राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसमें कौन शामिल नहीं होता है?
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640f10aaa37bb1a5e17a11e2- 1मुख्यमंत्रीfalse
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उत्तर : 4. "उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश"
व्याख्या :
राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसमें ये सभी शामिल है।
(A) मुख्यमंत्री
(B) विधानसभा अध्यक्ष
(C) विधानसभा का विपक्ष का नेता
प्र: राजस्थान विधान सभा के प्रथम प्रोटेम स्पीकर कौन थे?
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640f0feedf653d9ac2379656- 1महाराव संग्राम सिंहtrue
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उत्तर : 1. "महाराव संग्राम सिंह"
व्याख्या :
1. राजस्थान विधानसभा के प्रथम प्रोटेम स्पीकर -महाराव संग्राम सिंह
2. राजस्थान विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष -नरोत्तम लाल जोशी
3. राजस्थान विधानसभा के प्रथम उपाध्यक्ष -लाल सिंह शक्तावत
4. राजस्थान विधानसभा के प्रथम विपक्ष के नेता -जसवंत सिंह
5. राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री -टीकाराम पालीवाल
6. राजस्थान की पहली महिला सांसद -श्रीमती शारदा भार्गव
प्र: राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या 200 किस वर्ष हुई?
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उत्तर : 3. "1977"
व्याख्या :
1. परिसीमन आयोग द्वारा निर्धारित राजस्थान विधान सभा की सदस्यता 1952 में 160 की गई थी और वर्तमान में उसी आयोग की काफी सिफारिशों के बाद 200 है।
प्र: राजस्थान में संभागीय आयुक्त व्यवस्था को कब पुनर्जीवित किया गया?
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उत्तर : 3. "1987 "
व्याख्या :
1. 1962 में राजस्थान संभागीय आयुक्त के कार्यालय का उन्मूलन किया गया और 1987 में पुनर्जीवित किया गया।
2. आयुक्तों की भूमिकाएँ और शक्तियाँ एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होती हैं लेकिन एक सामान्य पहल है।
प्र: राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायधीश के कितने पद स्वीकृत हैं?
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उत्तर : 2. "50"
व्याख्या :
1. राजस्थान राज्य का उद्घाटन 30 मार्च, 1949 को हुआ और तत्समय जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और अलवर में कार्यरत पाँच रियासतकालीन उच्च न्यायालयों को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 द्वारा समाप्त कर दिया गया और राजस्थान में उच्च न्यायालय, जोधपुर का उद्घाटन किया गया।
2. राजस्थान उच्च न्यायालय में 50 माननीय न्यायाधीशों की पद-संख्या अनुमोदित है।
प्र: राजस्थान में राजस्व मण्डल की स्थापना कब हुई?
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उत्तर : 1. "1949"
व्याख्या :
1. संयुक्त राजस्थान राज्य के निर्माण के पश्चात महामहिम राजप्रमुख ने 7 अप्रैल 1949 को अध्यादेश की उद्घोषणा द्वारा राजस्थान के राजस्व मंडल (Board of Revenue for Rajasthan) की स्थापना की थी।
2. यह अध्यादेश 1 नवम्बर 1949 को प्रवर्तित हुआ था उसने बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, मत्स्य तथा पूर्व राजस्थान के राजस्व मंडलों का स्थान ले लिया हैं।
3. ये राजस्व मंडल विविध विधियों के अधीन रियासतों में कार्य कर रहे थे।
प्र: बलवन्त राय मेहता समिति थी:
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633710f25c208a6bf71c9d7a- 1लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण परfalse
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उत्तर : 4. "सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर"
व्याख्या :
1. पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की एक शाखा है जो राज्यों में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की चल रही प्रक्रिया की देखभाल करती है।
2. पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण भारत की स्थानीय स्वशासन की प्रणाली है। जिस तरह से नगरपालिकाओं तथा उपनगरपालिकाओं के द्वारा शहरी क्षेत्रों का स्वशासन चलता है, उसी प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का स्वशासन चलता है।
3. पंचायती राज संस्थाएँ तीन स्तरहैं।
(1) ग्राम के स्तर : ग्राम पंचायत
(2) ब्लॉक स्तर : पंचायत समिति
(3) जिला स्तर : जिला परिषद
प्र: निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में लोकायुक्त की जांच के दायरे में नहीं हैं?
(i) मंत्री
(ii) विभाग सचिव
(iii) राज्य विधानसभा सचिवालय के कर्मी
(iv) महालेखाकार, राजस्थान
सही कोड चुनें –
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उत्तर : 2. "(iii) एवं (iv)"
व्याख्या :
1. लोकायुक्त संस्था का सृजन जन साधारण को स्वच्छ प्रशासन प्रदान करने के उद्देश्य से लोक सेवकों के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं पद के दुरूपयोग सम्बन्धी शिकायतों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से जॉंच एवं अन्वेषण करने हेतु राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत हुआ।
2. लोकायुक्त एक स्वतंत्र संस्थान है जिसका क्षेत्राधिकार सम्पूर्ण राजस्थान राज्य है। यह राज्य सरकार का कोई विभाग नहीं है और न ही इसके कार्य में सरकार का कोई हस्तक्षेप है।
3. राजस्थान में लोकायुक्त की जाँच के दायरे में मंत्री, सचिव और स्वायत्त शासन संस्थानों के अध्यक्ष आते हैं।
4. वर्त्तमान में लोकायुक्त (राजस्थान) माननीय न्यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा हैं।