माही बजाज सागर एक सयुंक्त परियोजना हैं?
531 061d58a33e7cc0851e09964ef1. माही बजाज सागर परियोजना बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों के आदिवासियों के लिए एक अमृत तुल्य योजना है। यह राजस्थान व गुजरात की एक संयुक्त परियोजना है, जिसमें राजस्थान में गुजरात की हिस्सेदारी क्रमशः 45% व 55% है।
2. बाँसवाड़ा के बोरखेड़ा स्थान पर माही नदी पर यह बाँध बनाया गया है।
राजस्थान के किस भाग में शुष्क सागवान के वन पाये जाते है?
464 061d588bd78a629518c127ba81. राजस्थान के दक्षिणी भाग में शुष्क सागवान के वन पाये जाते है।
2. शुष्क सागवान के वनों को संरक्षित करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में वनों की कटाई को रोकना, वनों में आग लगने से बचाना, और वनों में वृक्षारोपण करना शामिल है।
राजस्थान की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा की लम्बाई है?
543 061d5879be7cc0851e0995fb21. राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा की लंबाई 1070 किमी है जो हिन्दुमल कोट (गंगानगर) से शाहगढ़, (बाड़मेर) तक फैली हुई है।
राजस्थान नहर बोर्ड (वर्तमान नाम इन्दिरा गाँधी नहर मण्डल) का गठन किस वर्ष हुआ?
559 061d585e878a629518c1276c61. इन्दिरा गाँधी नहर राजस्थान की प्रमुख नहर हैं। इसका पुराना नाम "राजस्थान नहर" था। यह राजस्थान प्रदेश के उत्तर-पश्चिम भाग में बहती है। इसे राजस्थान की मरूगंगा भी कहा जाता है।
2. राजस्थान नहर बोर्ड (वर्तमान नाम इन्दिरा गाँधी नहर मण्डल) का गठन 1958 वर्ष हुआ।
देश में पहली बार सरसों और तिलहन पर अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार कहाँ आयोजित हुआ ?
439 061d583efc5943251cae743a91. देश में पहली बार सरसों और तिलहन पर अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार जयपुर में आयोजित हुआ।
2. देश में तिलहनों में सुधार करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा अप्रैल, 1967 में अखिल भारतीय तिलहन समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपीओ) की स्थापना की गई थी।
3. राज्य कृषि विभाग,राजस्थान सरकार के अनुकूलन परीक्षण केन्द्र, सेवर, भरतपुर में राई-सरसों पर आधारभूत, रणनीतिक और अनुप्रयुक्त अनुसंधान संचालित करने के लिए 20 अक्तूबर, 1993 को राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की।
भूमिगत जल की दृष्टि से राजस्थान के सुरिक्षत जिलों का सही क्रम हैं ?
640 061d664375351126dae23f02bभूमिगत जल की दृष्टि से राजस्थान के सुरिक्षत जिलों का सही क्रम श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़-बाँसवाड़ा हैं।
पूर्वी बेसिन मैदान का भाग नहीं है ?
566 061d57f4ce7cc0851e09952571. पूर्वी मैदान प्रदेश : विस्तार - राजस्थान में 50 cm वर्षा रेखा से पूर्व में स्थित प्रदेश को पूर्वी मैदानी प्रदेश के नाम से जाना जाता है | यह प्रदेश नदियों के द्वारा निर्मित है, इसी कारण से इसे नदी निर्मित बेसिन या प्रदेश कहा जाता है।
2. पूर्वी मैदान को मुख्य रूप से तीन भागो में बांटा गया है।
- चंबल नदी बेसिन
- बनास नदी बेसिन
- माही नदी बेसिन