Rajasthan Geography Questions प्रश्न और उत्तर का अभ्यास करें

प्र:

मरुस्थलीय क्षेत्र में मिट्टी के अपरदन को रोकने के लिये क्या किया जाना चाहिये?

675 0

  • 1
    फसलों के हेर-फेर को अपनाना
    सही
    गलत
  • 2
    वृक्षों की पट्टी लगाना
    सही
    गलत
  • 3
    खेतों में मेड़बन्दी करना
    सही
    गलत
  • 4
    चरागाहों को विकसित करना
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "वृक्षों की पट्टी लगाना"
व्याख्या :

मृदा अपरदन एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है । इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए. मृदा अपरदन की रोकथाम के कुछ तरीके निम्नलिखित हैं-

1. मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बंजर भूमि पर पेड़ लगाएं।

2. मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए नीचे पौधों और घास को रोकने के लिए गीली घास और चट्टानें डालें।

3. ढलानों पर कटाव को कम करने के लिए मल्च मैटिंग का उपयोग किया जा सकता है।

4. किसी भी पानी या मिट्टी को बहने से रोकने के लिए फ़ाइबर लॉग की एक श्रृंखला रखें।

5. ढलान के आधार पर एक दीवार मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद कर सकती है।

6. प्रत्येक घर में उचित जल निकासी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि पानी उचित जल संग्रहण प्रणालियों में बह सके।

प्र:

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?

589 0

  • 1
    5 मई
    सही
    गलत
  • 2
    5 जून
    सही
    गलत
  • 3
    22 मार्च
    सही
    गलत
  • 4
    22 अप्रैल
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "5 जून"
व्याख्या :

1. हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है।

2. इसका उद्देश्य मानव जाति को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना होता है।

3. पहली बार 1973 में आयोजित, यह समुद्री प्रदूषण, अधिक जनसंख्या, ग्लोबल वार्मिंग, सतत विकास और वन्यजीव अपराध जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक मंच रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है।

प्र:

वर्षाजल संग्रहण करने वाला रानीसर टाँका कहाँ स्थित है?

3551 0

  • 1
    जैसलमेर
    सही
    गलत
  • 2
    जोधपुर
    सही
    गलत
  • 3
    बाड़मेर
    सही
    गलत
  • 4
    बीकानेर
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 2. "जोधपुर"
व्याख्या :

टांका एक भूमिगत जलाशय है जिसे वर्षा के जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है। टांका आमतौर पर एक वर्गाकार या आयताकार आकार का होता है और इसका निर्माण मिट्टी या पत्थर से किया जाता है। टांका के चारों ओर एक दीवार बनाई जाती है ताकि वर्षा का जल इसमें इकट्ठा हो सके।


प्र:

राजस्थान के थार मरुस्थल की परम्परागत जल संग्रहण तकनीक है -

721 0

  • 1
    टांका
    सही
    गलत
  • 2
    खडिन
    सही
    गलत
  • 3
    बावड़ी
    सही
    गलत
  • 4
    तालाब
    सही
    गलत
  • उत्तर देखें
  • Workspace

उत्तर : 1. "टांका"
व्याख्या :

1. खडीन-यह एक मिट्टी का बना हुआ अस्थायी तालाब होता है, इसे किसी ढाल वाली भूमि के नीचे बनाते हैं । इसके दोनों ओर मिट्टी की दीवार (धोरा) तथा तीसरी ओर पत्थर से बनी मजबूत दीवार होती है । जल की अधिकता पर खड़ीन भर जाता है तथा जल आगे वाली खडीन में चला जाता है । खडीन में जल के सूख जाने पर, इसमें कृषि की जाती है।

2. तालाब-राजस्थान में प्राय: वर्षा के जल का संग्रहण तालाब में किया जाता है। यहाँ स्त्रियों व पुरुषों के नहाने के पृथक् से घाट होते हैं। तालाब की तलहटी में कुआं बना होता है, जिसे बेरी कहते हैं। जल संचयन की यह प्राचीन विधि आज भी अपना महत्व रखती है। इससे भूमि जल का स्तर बढ़ता है।

4. बावड़ी-राजस्थान में बावड़ियों का अपना स्थान है । यह जल संग्रहण करने का प्राचीन तरीका है। यह गहरी होती है व इसमें उतरने के लिए सीढियाँ एवं तिबारे होते हैं तथा यह कलाकृतियों से सम्पन्न होती है ।

5. टांका: टांका एक भूमिगत जलाशय है जिसे वर्षा के जल को संग्रहित करने के लिए बनाया जाता है। टांका आमतौर पर एक वर्गाकार या आयताकार आकार का होता है और इसका निर्माण मिट्टी या पत्थर से किया जाता है। टांका के चारों ओर एक दीवार बनाई जाती है ताकि वर्षा का जल इसमें इकट्ठा हो सके।

प्र:

दुग्ध उत्पादन हेतु गाय की प्रसिद्ध किस्म है-

745 0

  • 1
    गिर और राठी
    सही
    गलत
  • 2
    राठी और नागौरी
    सही
    गलत
  • 3
    मेवाती और मालवी
    सही
    गलत
  • 4
    मालवी और थारपारकर
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 1. "गिर और राठी"
व्याख्या :

गिर गाय : यह नसल राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में पायी जाती है। इसे देसण, गुजराती, सूरती, काठियावाड़ी, और सोरठी भी कहा जाता है। इसका शरीर लाल रंग का होता है जिस पर सफेद धब्बे, सिर गुबंद के आकार का और लंबे कान होते हैं। यह गाय प्रति ब्यांत में औसतन 2110 दूध देती है।

राठी गाय :इस नसल का मूल स्थान राजस्थान है। यह नसल राजस्थान के थार मारूस्थल, बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर जिलों तक फैली हुई है। इसकी खाल मुख्य तौर पर भूरे रंग की होती है, जिस पर सफेद धब्बे बने होते हैं और कई बार इसकी खाल काले या भूरे रंग की होती है, जिसपर सफेद धब्बे बने होते हैं। इसके बाकी शरीर के मुकाबले शरीर का निचला भाग रंग में हल्का होता है। इसका चौड़ा मुंह, पूंछ लंबी और लटकी हुई चमड़ी कोमल और ढीली होती है। यह एक ब्यांत में औसतन 1000-2800 किलो पैदा करती है। पहले ब्यांत के समय इस नसल की गाय की उम्र 36-52 महीने होनी चाहिए और इसका एक ब्यांत 15-20 महीने का होता है।

प्र:

माही कंचन और माही धवल किस फसल की किस्में हैं?

8735 0

  • 1
    गेहूँ
    सही
    गलत
  • 2
    चावल
    सही
    गलत
  • 3
    जौ
    सही
    गलत
  • 4
    मक्का
    सही
    गलत
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  • Workspace

उत्तर : 4. "मक्का"
व्याख्या :

1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।

2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।

प्र:

कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' किस फसल से संबंधित है?

610 0

  • 1
    चावल
    सही
    गलत
  • 2
    मक्का
    सही
    गलत
  • 3
    ज्वार
    सही
    गलत
  • 4
    गेहूँ
    सही
    गलत
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उत्तर : 2. "मक्का"
व्याख्या :

1. कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' मक्का फसल से संबंधित है।

2. माही कंचन, माही धवल और मेघा मक्का की किस्में हैं। राजस्थान राज्य में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा और बूंदी हैं।

प्र:

'केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान' कहाँ स्थित है?

570 0

  • 1
    बीकानेर
    सही
    गलत
  • 2
    बाड़मेर
    सही
    गलत
  • 3
    जोधपुर
    सही
    गलत
  • 4
    जैसलमेर
    सही
    गलत
  • उत्तर देखें
  • Workspace

उत्तर : 1. "बीकानेर"
व्याख्या :

केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान का मुख्यालय बीकानेर शहर से 10 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 15 (बीकानेर-श्रीगंगानगर रोड) पर स्थित है जो 280 उत्‍तरी अक्षांश पर तथा 730 .18 पूर्वी देशांतर पर है तथा समुद्र के तल से 234.84 मी. ऊपर।

1. शुष्क क्षेत्र की बागवानी फसलों का उत्पादन एवं उपयोग बढ़ाने के लिए तकनीकियां विकसित करने हेतु योजना लक्षित मूल अध्ययन करना।

2. शुष्क बागवानी फसलों के ‘राष्ट्रीय जीन बैंक’ के रूप में कार्य करना।

3. शुष्क वातावरण में बहु बागवानी फसलों का प्रभावी फसल-चक्र विकसित करना।

4. शुष्क बागवानी से संबंधित वैज्ञानिक सूचनाओं के ‘राष्ट्रीय केन्द्र’ के रूप में कार्य करना।

5. राज्य कृषि विश्‍वविद्यालयों तथा अन्य समान कार्य करने वाले संस्थानों के मध्य मुख्य समन्वयक की भूमिका के साथ शुष्क बागवानी के ‘मानव संसाधन विकास केन्द्र’ के रूप में कार्य करना।

6. शुष्क बागवानी के विकास एवं अनुसंधान के लिए मार्गदर्शी परामर्श उपलब्ध कराना।

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